शराब की दुकान के सेल्समैन लोकेश की हत्या का मामला सुलझा, पहचान होने के डर से उसे पानी में डुबो दिया गया था

शराब की दुकान के सेल्समैन लोकेश की हत्या का मामला सुलझा, पहचान होने के डर से उसे पानी में डुबो दिया गया था

सहारनपुर : नागल थाना इलाके में शराब की दुकान के सेल्समैन लोकेश की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। डिजिटल सबूतों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से दो गैर-कानूनी चाकू, दो मोबाइल फोन, लोकेश का बैग, दो बाइक और ₹1,490 बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दुकान की बिक्री का पैसा लूटने के इरादे से कई दिनों से लोकेश का पीछा कर रहे थे। उन्हें शक था कि लोकेश के लाल बैग में शराब की बिक्री का पैसा है। 14 अगस्त की रात लूट की कोशिश के दौरान लोकेश ने एक आरोपी को पहचान लिया था। पुलिस के मुताबिक, पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने उसे पानी से भरे गड्ढे में डुबो दिया।

एसपी ग्रामीण मयंक पाठक ने मंगलवार को पुलिस लाइन ऑडिटोरियम में बताया कि इस मामले में पांच आरोपियों—राहुल उर्फ ​​राज सिंह, विकास, रामधारी, विशाल और विकास—को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के मुंडीखेड़ी निवासी प्रीतम सिंह का 35 वर्षीय बेटा लोकेश करीब दो साल से नागल थाना क्षेत्र के बोहदूपुर में शराब और ठंडी बीयर की दुकान पर सेल्समैन था। वह हर रात करीब 10 बजे अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौटता था। आरोपियों को उसके रूटीन की पूरी जानकारी थी। 14 अगस्त की रात को दुकान बंद करने के बाद लोकेश ने अपने दोस्त को फोन करके बताया कि वह घर जा रहा है। इसके बाद आरोपियों ने दो बाइकों पर उसका पीछा किया।

पुलिस के मुताबिक, विकास और रामधारी एक बाइक पर लोकेश का पीछा कर रहे थे और फोन से अपने साथियों को उसकी लोकेशन बता रहे थे। दूसरी बाइक पर राहुल उर्फ ​​राज सिंह, विशाल और विकास सवार थे। लखनौर से पहले ITI (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) के पास आरोपियों ने लोकेश को घेर लिया। साथ में चल रहे राहुल ने लोकेश को पीछे से लात मारी, जिससे लोकेश और उसकी बाइक सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। बाइक के साथ आरोपी भी कंट्रोल खोकर गिर गए।

घटना का खुलासा करते हुए SP रूरल मयंक पाठक ने बताया कि आरोपियों ने लोकेश का बैग छीनने की कोशिश की। छीना-झपटी में बैग का पट्टा टूट गया और लोकेश पानी में गिर गया। छीना-झपटी के दौरान लोकेश ने राहुल को पहचान लिया। उसने आरोपियों से कहा कि वह उसे पहचानता है और पुलिस स्टेशन में शिकायत करेगा। अपनी पहचान उजागर होने के डर से आरोपी घबरा गए। उन सभी ने लोकेश को पकड़ लिया और पानी में तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। छीना-झपटी के दौरान राहुल की लोडेड .315 बोर की पिस्टल भी पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। भागते समय आरोपियों ने अपनी चप्पलें भी मौके पर छोड़ दीं। फिर आरोपियों ने गड्ढे से अपनी बाइक निकाली और खेतों से होते हुए एक चिनार के खेत में चले गए। वहां लोकेश का बैग छिपाकर सभी आरोपी अपनी बाइक से घर लौट आए।

जब लोकेश देर रात तक घर नहीं लौटा तो उसके परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। उसका मोबाइल फोन बंद होने पर पुलिस को सूचना दी गई। 15 अगस्त को सुबह करीब 6 बजे लोकेश की सुपर स्प्लेंडर बाइक लखनौर-सीडकी रोड पर ITI के पास सड़क किनारे मिली। उसकी बॉडी पास के पानी से भरे गड्ढे में मिली। मर्डर का शक होने पर परिवार ने सीडकी-लखनौर रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के एक्शन का भरोसा दिलाने के बाद जाम खोला गया। फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत इकट्ठा किए।

SP रूरल मयंक पाठक के मुताबिक, पुलिस ने क्राइम सीन से CCTV फुटेज चेक किए। उन्होंने मृतक और सस्पेक्ट्स के मोबाइल लोकेशन, टेक्निकल जानकारी और आपसी कनेक्शन भी चेक किए। इन लिंक्स के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। एक टिप-ऑफ पर कार्रवाई करते हुए नागल पुलिस और SWAT-सर्विलांस की जॉइंट टीम ने मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे से गंगनौली शुगर मिल जाने वाले रास्ते पर रेलवे ब्रिज के पास नई कॉलोनी में रेड मारी। पांचों आरोपी वहां चोरी का माल और पैसे बांटने के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने उसी समय उन्हें अरेस्ट कर लिया। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं और बरामद सामान की जांच कर रही है।

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